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आदर्श नाट्य माला

धर्म मण्डल की रामलीला के संवाद, प्रसंग, प्रार्थना और मंचन-परंपरा को संजोने वाली अमूल्य पुस्तक।

पुस्तक और रचनाकार

परंपरा को शब्द और स्वर देने वाले

आदर्श नाट्य माला पुस्तक
पुस्तक

आदर्श नाट्य माला

यह पुस्तक धर्म मण्डल की रामलीला का प्रमुख आधार है। इसमें संवाद, प्रसंग और प्रार्थनाएँ मंचन की परंपरा के अनुसार संकलित हैं। आदर्श नाट्य माला संस्था की सांस्कृतिक परंपरा और रामभक्ति को पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने वाली अमूल्य धरोहर है। आदर्श नाट्य माला संस्था की सांस्कृतिक परंपरा और रामभक्ति को पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने वाली अमूल्य धरोहर है।

लेखक पं. बेनी प्रसाद सिन्हा 'प्रेमी'
लेखक परिचय

श्री बेनी प्रसाद सिन्हा

श्री बेनी प्रसाद सिन्हा श्री सीताराम धर्म मण्डल, सराय हरखू (जौनपुर) की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े श्रद्धावान रामभक्त, साहित्य-साधक और संवेदनशील रचनाकार थे। उनकी रचनाओं में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और लोकमंगल की भावना सरल तथा प्रभावशाली रूप में प्रकट होती है। ‘आदर्श नाट्य माला’ के माध्यम से उन्होंने रामकथा को नाट्य-अभिव्यक्ति का ऐसा स्वरूप दिया, जो समाज को भारतीय संस्कारों और जीवन-मूल्यों से जोड़ता है। उनकी साहित्य-साधना धर्म मण्डल की अमूल्य विरासत है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

विशेषताएँ

‘आदर्श नाट्य माला’ — तीन प्रमुख विशेषताएँ

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रामचरित से जीवन-मूल्यों तक

श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, धर्म, कर्तव्य और त्याग को प्रभावशाली नाट्य रूप में प्रस्तुत करने वाली साहित्यिक कृति।

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साहित्य से जीवंत मंच तक

संवाद, पात्रों और प्रसंगों के माध्यम से रामकथा को साहित्य के पन्नों से निकालकर जीवंत नाट्य-अनुभव में परिवर्तित करने वाली रचना।

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संस्कृति, संस्कार और लोकपरंपरा की विरासत

भक्ति, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों को जनमानस तक पहुँचाने वाली ऐसी साहित्यिक धरोहर, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हमारी परंपरा और संस्कारों को जोड़ती है।

पुस्तक से संबंधित जानकारी

पुस्तक की उपलब्धता या अन्य जानकारी के लिए धर्म मण्डल से मोबाइल या ईमेल द्वारा संपर्क करें।