एक जीवंत सांस्कृतिक दस्तावेज
विरह गीत में धर्म मण्डल की शुरुआत, बच्चों की रामलीला, गाँव का सहयोग और 1932 से आगे बढ़ती परंपरा का भावपूर्ण वर्णन है।
अवधी में रचित वह लोककाव्य जो धर्म मण्डल की संस्थापना, संघर्ष, सहयोग और विकास की स्मृतियों को जीवंत रखता है।
विरह गीत में धर्म मण्डल की शुरुआत, बच्चों की रामलीला, गाँव का सहयोग और 1932 से आगे बढ़ती परंपरा का भावपूर्ण वर्णन है।
यह गीत केवल इतिहास नहीं सुनाता, बल्कि उस समय के उत्साह, लोगों की भागीदारी और रामलीला के प्रति श्रद्धा को भी जीवंत कर देता है।
धर्म मण्डल की संस्थापना और लोक-स्मृतियों को अवधी स्वर में संजोती यह प्रस्तुति यहाँ देखें।